भरोषा किसी पे नही ....
आज के डेट पे किसी पे भी भरोषा नही किया जा सकता .लोग दिखवा करते हैं अपने पन की टाइम पास करते हैं .और टाइम पास कुछ पल का या कुछ महीने का ही नहीं होता .कुछ लोग 1 साल 2 साल 3.'4 साल तक भी करते हैं और वो इस तरह से टाइम पास करते है की पता ही नही चलता की टाइम पास कर रहे है.ऐसे ही किसी पे भरोषा नही करना चाहिए यहाँ तो अपने ही धोखा दे जाते है तो गैरों पे क्या भरोषा करे ..यहाँ कोई किसी का नही होता है सब मतलब से याद करते हैं ..यहाँ ये जरुरी नही कि कोई किसी के साथ हो तो उससे प्यार करता होगा ..क्र जाहिर सी बात हैं प्यार नहीं करता होगा तो किसी और के साथ भी होगा उसके रहते रहते कोई किसी के बारे में नहीं सोचते न किसी का देखते है सब अपना ही देखते हैं .सब साथ यंहा छोड़ जायेंगे, ये मान के चलिए है कौन अपना, और पराया, पहचान के चलिए... जिसपे भी भरोषा करोगे वो भरोषा तोड़ जायेंगे तन्हा अकेला छोड़ जाएंगे रह जाओगे अकेले अपने साये के साथ ... किसी पे दुबारा भरोषा नही कर पाओगे ..इसलिए भरोसा खुद पे करो दूसरों पर नहीं ..अगर आप खुद पे भरोषा करते हो न तो दुसरो की भरोषा की जरूरत नहीं पड़ती ..खुद पे भरोषा करोगे तो आप कभी टूटोगे नही हमेशा खुश रहोगे.....
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